गुजारा तब भी हुआ करता था
जब हमें,
दो रोटी एक प्याज संग नमक
मिल जाया करता था,
माँ का प्यार और पिता का दुलार
मिल जाया करता था,
भाई और बहिन का सारा संसार
मिल जाया करता था।
क्या हुआ अचानक हमको
ए मेरे यार अब,
सब कुछ तो है मेरे पास पर वो
प्यार नहीं है,
दुलार नहीं है,
संसार नहीं है।
-विशाल "बेफिक्र"
Friday, September 16, 2016
वो संसार नहीं है
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
मुनासिब न जाना अपनों ने जीते जी कि हाल पूछ ले कभी मेरा एक बार । मरके अपनी दौलत पे देखा है जमावड़ा लड़ना-झगड़ना अब उनका कइयों बार । मैं ...
No comments:
Post a Comment