गुजारा तब भी हुआ करता था
जब हमें,
दो रोटी एक प्याज संग नमक
मिल जाया करता था,
माँ का प्यार और पिता का दुलार
मिल जाया करता था,
भाई और बहिन का सारा संसार
मिल जाया करता था।
क्या हुआ अचानक हमको
ए मेरे यार अब,
सब कुछ तो है मेरे पास पर वो
प्यार नहीं है,
दुलार नहीं है,
संसार नहीं है।
-विशाल "बेफिक्र"
Friday, September 16, 2016
वो संसार नहीं है
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जब जागेंगे, तब दिन-रात का सोचेंगे, रातों में नींद, आती नही मुझे आजकल... दिन में आई है नींद, तो अब रात हुई है मेरी । #NightShift
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कैसे हैं हम क्या हाल है मेरा, मत पूछो अब मस्जिद जाता हूँ, कैसे तेरे घर पहुंच जाता हूँ ।
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