बेफ़िक्र आवारा
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Saturday, September 28, 2024
कुछ सोचकर
मैं चल रहा
मेरी न किसी
से होड़ है,
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आशिक़ी
आशिकी इक धुंआ है 'बेफ़िक्र' साँस लेने नही देती, दम ये घोंट देती है
(no title)
अश्कों की खातिर
तेरी हर ख़्वाहिश को पूरा करने को ये दिल चाहता है तुझसे मुहब्बत की आजमाइश को ये दिल चाहता है मुकम्मल जहाँ तब होगा नसीब ऐ मेरे यार अपना तो...