चुभन जितनी सीने में मेरे
चुभन होगी उतनीें तेरे भी,
घुटन जितनी है मुझे भी
घुटन होगी उतनी तुझे भी,
शर्मिंदा जितना हूँ मैं
शर्मिंदा होगा उतना तू भी,
जिंदा मरके जितना हूँ मै
जिंदा होगा उतना तू भी ।
-बेफ़िक्र
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
कैसे हैं हम क्या हाल है मेरा, मत पूछो अब मस्जिद जाता हूँ, कैसे तेरे घर पहुंच जाता हूँ ।
-
1. हुक्मरानों के तब तख्तोताज हिलेंगे... जब चश्मे खुशफहमी के आंखों में न रहेंगे । 2. तक़दीर इस कदर सोई है मेरी... उसको जगाने में, मैं भी सो...
-
तेरी हर ख़्वाहिश को पूरा करने को ये दिल चाहता है तुझसे मुहब्बत की आजमाइश को ये दिल चाहता है मुकम्मल जहाँ तब होगा नसीब ऐ मेरे यार अपना तो...
No comments:
Post a Comment